By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Khabar 360 IndiaKhabar 360 IndiaKhabar 360 India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Uttarakhand
  • Politics
    • National Politics
    • Uttarakhand Politics
  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
    • Health
    • Lifestyle
  • Science
  • Education
  • National
  • Contact Us
Reading: सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना
Share
Font ResizerAa
Khabar 360 IndiaKhabar 360 India
  • Politics
  • Education
  • Sports
  • Entertainment
  • Science
  • Technology
  • Business
Search
  • Uttarakhand
  • Politics
    • National Politics
    • Uttarakhand Politics
  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
    • Health
    • Lifestyle
  • Science
  • Education
  • National
  • Contact Us
Follow US
Khabar 360 India > Private: Blog > Uttarakhand > सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना
Uttarakhand

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना

Khabar 360 India Desk
Last updated: September 9, 2026 12:07 pm
Khabar 360 India Desk Published September 9, 2026
Share
SHARE
  • सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना
  • सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी
  • मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं

प्रदेश में ग्लेशियर झीलों से संभावित जोखिमों को कम करने तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चमोली जनपद स्थित सरस्वती ताल तथा उत्तरकाशी जनपद स्थित केदारताल के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ दल मंगलवार को रवाना हो गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा माननीय आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए विशेषज्ञ दल को शुभकामनाएं दी हैं।

माननीय मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में स्थित संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का व्यापक सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत झीलों की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, आकार में होने वाले परिवर्तन, आसपास के भू-भाग की स्थिति तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का आकलन किया जाएगा। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए आधुनिक सेंसर, जलस्तर मापक उपकरण, संचार प्रणाली तथा अन्य आवश्यक तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

माननीय आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री  मदन कौशिक ने बताया कि ग्लेशियर झीलों से संभावित आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक एवं जोखिम न्यूनीकरण उपायों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी मार्ग, संभावित प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन, संचार व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर चेतावनी तंत्र तथा राहत एवं बचाव की तैयारियों को मजबूत किया जाएगा।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड में कुल 13 ग्लेशियर झीलों को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इनमें से 04 ग्लेशियर झीलों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जबकि शेष संवेदनशील झीलों का भी चरणबद्ध तरीके से सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में चमोली जनपद स्थित सरस्वती ताल तथा उत्तरकाशी जनपद स्थित केदारताल का बैथीमेट्री सर्वेक्षण करने के लिए विशेषज्ञ दल को रवाना किया गया है। सर्वेक्षण के दौरान दोनों ग्लेशियर झीलों की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, संभावित खतरे के कारकों तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।

सचिव श्री सुमन ने बताया कि सरस्वती ताल लगभग 5700 मीटर तथा केदारताल लगभग 4750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अत्यधिक ऊंचाई एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित इन झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
वहीं माननीय उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय रुहेला तथा ले. कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेवानिवृत्त) ने भी विशेषज्ञ दल को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ श्री दिनेश कुमार पुनेठा आदि उपस्थित रहे।

विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों की संयुक्त भागीदारी

सर्वेक्षण अभियान में विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों एवं सुरक्षा बलों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। विशेषज्ञ दल में यूएसडीएमए, यूएलएमएमसी, बाबा साहनी पुराविज्ञान संस्थान लखनऊ, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, एनआईएच रुड़की, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञ शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की संयुक्त भागीदारी से ग्लेशियर झीलों की स्थिति, संभावित जोखिमों तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव का बहुआयामी एवं वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। दल में  रोहित कुमार (यूएसडीएमए, देहरादून), निखिल पुनिया (यूएसडीएमए, देहरादून), डॉ. विशाल (यूएलएमएमसी, देहरादून),  दीपक भट्ट (यूएलएमएमसी, देहरादून), डॉ. शेख नवाज अली (बीएसआईपी, लखनऊ),  शुभजीत घोष (बीएसआईपी, लखनऊ),  प्रकाश रंजन जेना (बीएसआईपी, लखनऊ), डॉ. पिंकी बिष्ट (वाडिया, देहरादून), स्वप्निल बिष्ट (वाडिया, देहरादून), शिव्यांक सिंह नेगी (वाडिया, देहरादून), शिव शंकर यादव (एनआईएच, रुड़की), डॉ. शिवानंद मंडराहा (एनआईएच, रुड़की),  नितेश खेतवाल (एसडीआरएफ, देहरादून), संदीप सिंह (एसडीआरएफ, देहरादून), सचिन कुमार (एनडीआरएफ, गदरपुर),  मनीष कुमार (एनडीआरएफ, गदरपुर),महेंद्र (जिला चमोली), मनोज सिंह (जिला चमोली), शार्दुल गुसाईं, डीडीएमओ (जिला उत्तरकाशी) तथा इंजी. नरेंद्र सिंह रावत (जिला उत्तरकाशी) शामिल हैं।

You Might Also Like

छात्रा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही की घोषणा

पुराने तालाब को नया जीवन देकर विकसित किया गया जल सृष्टि पार्क, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम

युवाओं के विचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप, 557 मरीज मिले

देहरादून के छह इलाकों के एटीएम से 5.61 लाख की अवैध निकासी

TAGGED:and Kedar Tal.Team sets out for Saraswati Tal
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Telegram Email Copy Link Print
Share
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advt.

Advt.

Advt.

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
Popular News
Uttarakhand

दिल्ली-दून कॉरिडोर के बाद बढ़ेगा ट्रैफिक, तैयारी तेज

Khabar 360 India Desk Khabar 360 India Desk April 18, 2026
पूर्व रॉ प्रमुख एएस. दुलत ने कश्मीर के हालात पर जताई चिंता, राज्य का दर्जा बहाल करने पर जोर
ऋषिकेश में जन सेवा केंद्र पर जिला प्रशासन ने लगाया ताला, किया सील
शराब में सोडा मिलाने का होता है स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर
राज्य स्त्री शक्ति सम्मान समारोह: CM धामी ने 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार व 33 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित….

Categories

  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
  • Science

About US

Khabar 360 India provides comprehensive news coverage from Uttarakhand, including local events, politics, culture, and development, along with national and international news updates, ensuring well-rounded information for its readers.
Top Categories
  • Uttarakhand
  • National
  • Politics
  • Entertainment
  • Health
Quick Link
  • About Us
  • Our Team
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Contact

Categories

  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
  • Science

About US

Khabar 360 India provides comprehensive news coverage from Uttarakhand, including local events, politics, culture, and development, along with national and international news updates, ensuring well-rounded information for its readers.
Quick Link
  • About Us
  • Our Team
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Contact
Top Categories
  • Uttarakhand
  • National
  • Politics
  • Entertainment
  • Health
© Khabar 360 India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?