- NABARD के RIDF फंड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न
- मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में स्वीकृतियों, प्रतिपूर्ति एवं धनराशि निर्गम की समीक्षा
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नाबार्ड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में NABARD के अंतर्गत संचालित विशेषकर Rural Infrastructure Development Fund (RIDF) से वित्तपोषित परियोजनाओं की Sanction (स्वीकृति), Reimbursement (प्रतिपूर्ति) एवं Disbursement (धनराशि निर्गम) की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
18 फरवरी 2026 तक की स्वीकृतियों एवं प्रतिपूर्ति की प्रवृत्ति तथा 17 फरवरी 2026 तक प्राप्त नवीन प्रस्तावों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।लंबित को पूर्ण एवं अप्रारंभ परियोजनाओं को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश
बैठक में State Monitoring Projects (SMPs) एवं Non-Started Projects (PYGs) की विशेष समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिन परियोजनाओं में अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण सड़कों, सिंचाई, पुलों एवं अन्य आधारभूत संरचनात्मक कार्यों में तेजी लाई जा सके।
बैठक में State Monitoring Projects (SMPs) एवं Non-Started Projects (PYGs) की विशेष समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिन परियोजनाओं में अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण सड़कों, सिंचाई, पुलों एवं अन्य आधारभूत संरचनात्मक कार्यों में तेजी लाई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा रीइंबर्समेंट लंबित है, वे तत्काल दावा प्रस्तुत करें। प्रोजेक्ट निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हों, ताकि नाबार्ड की गाइडलाइन के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। लापरवाही की स्थिति में संबंधित विभागों को पत्र प्रेषित कर जवाबदेही तय की जाएगी।
अधिकतम वित्तीय लाभ व 100% उपयोगिता सुनिश्चित करने पर जोर
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्रस्तावों की समयबद्ध प्रस्तुति, स्वीकृति के बाद त्वरित कार्यारंभ तथा व्यय के पश्चात शीघ्र प्रतिपूर्ति दावों की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, जिससे राज्य को अधिकतम वित्तीय लाभ प्राप्त हो सके।
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्रस्तावों की समयबद्ध प्रस्तुति, स्वीकृति के बाद त्वरित कार्यारंभ तथा व्यय के पश्चात शीघ्र प्रतिपूर्ति दावों की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, जिससे राज्य को अधिकतम वित्तीय लाभ प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि RIDF गाइडलाइन के अनुरूप 50,000 से कम आबादी वाले शहरी क्षेत्रों का भी पात्रता की दृष्टि से परीक्षण किया जाए। साथ ही ऐसे अन्य विभागों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए, जिन्हें नाबार्ड से वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकती है।
धनराशि का मितव्ययी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग करते हुए कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया।NABARD समर्थित RIDF के अंतर्गत सिंचाई, लोक निर्माण, विद्यालय शिक्षा, ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), लघु सिंचाई (MI), तकनीकी शिक्षा (TE), डेयरी, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, पेयजल, हॉर्टिकल्चर तथा कौशल विकास/युवा कल्याण एवं खेल विभाग द्वारा परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
धनराशि का मितव्ययी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग करते हुए कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया।NABARD समर्थित RIDF के अंतर्गत सिंचाई, लोक निर्माण, विद्यालय शिक्षा, ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), लघु सिंचाई (MI), तकनीकी शिक्षा (TE), डेयरी, कृषि, पशुपालन, मत्स्य, पेयजल, हॉर्टिकल्चर तथा कौशल विकास/युवा कल्याण एवं खेल विभाग द्वारा परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, पंकज पांडेय, बी वी आर सी पुरुषोत्तम, रविनाथ रामन व डॉ आर. राजेश कुमार तथा नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) पंकज यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




