मुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा है कि स्मार्ट मीटर के उपयोग से बिजली उपभोक्ताओं की बिलिंग और रीडिंग संबंधी शिकायतों में अप्रत्याशित कमी आएगी। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सटीक जानकारी देने के साथ-साथ भुगतान के कई विकल्प प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम भारत सरकार के सहयोग से सभी राज्यों में लागू किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के लगने से मीटर रीडिंग में मानवीय हस्तक्षेप समाप्त हो जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग मिलेगी। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत का विवरण मोबाइल एप पर देख सकेंगे और बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को मोबाइल एप या ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा मिलेगी, जिससे वे ब्याज या लेट फीस से बच सकेंगे। योजना के तहत जून 2026 तक 15.88 लाख उपभोक्ताओं सहित 59,212 ट्रांसफार्मर और 2,602 फीडर के मीटर बदले जाएंगे।




