टिहरी झील और इसके कैचमेंट एरिया में विकास कार्यों को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए हैं। इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया है कि सभी योजनाओं के स्टेकहोल्डर्स, खासकर स्थानीय लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं में पर्यावरणीय मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी जाए और चारधाम यात्रा मार्ग पर ठोस अवशिष्ट प्रबंधन के लिए पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टिहरी को एक ब्रांड पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। टिहरी के ऐतिहासिक महत्व को पुनः स्थापित करने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। 1294 करोड़ रुपए की लागत से टिहरी झील प्रोजेक्ट के तहत 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लगभग 103 गांव की 96 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। डोबरा चांटी, तिवार गांव, कोटी कालोनी, न्यू टिहरी, और मदन नेगी क्षेत्र का विकास होगा।




