देहरादून, 12 फरवरी 2025 – उत्तराखण्ड राज्य में प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत 12 फरवरी से 16 फरवरी 2025 तक प्रभावी वैक्सीन प्रबंधन (ईवीएम) हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य में वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली का विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मानकों के अनुरूप मूल्यांकन और सुदृढ़ीकरण करना है।
प्रशिक्षण में राज्य स्तरीय प्रतिभागियों को भारत सरकार के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके उपरांत प्रशिक्षित अधिकारी विभिन्न जनपदों के कोल्ड चेन प्वाइंट्स का निरीक्षण करेंगे, जिससे वैक्सीन भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
प्रो. रेनु सहरावत, नोडल ऑफिसर, ने प्रशिक्षण के दौरान वैक्सीन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के मानकों की जानकारी दी। अन्य विशेषज्ञों ने उपकरणों, मानव संसाधन की उपलब्धता, और रखरखाव संबंधी विषयों पर जानकारी प्रदान की, जिससे आपूर्ति श्रृंखला का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. मनु जैन ने भारत सरकार के प्रशिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण राज्य में वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह मर्तोलिया ने बताया कि प्रशिक्षण के उपरांत राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा 42 कोल्ड चेन प्वाइंट्स का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा, जिससे राज्य की प्रतिरक्षण प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।




