देहरादून: उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में राज्य की कई बड़ी रेल परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर बड़े फैसले लिए गए।
बैठक की मुख्य बातें और बड़े अपडेट्स नीचे दिए गए हैं:
1. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की नई डेडलाइन
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लक्ष्य: बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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सुरक्षा: राज्य की सभी निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं में बनने वाली एस्केप टनलों (Escape Tunnels) को मोटरेबल (वाहनों के चलने योग्य) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
2. हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन का दोहरीकरण (Double Line)
हरिद्वार से देहरादून के बीच रेल लाइन को डबल करने का काम दो चरणों में होगा। फिलहाल हरिद्वार-मोतीचूर-रायवाला सेक्शन को मंजूरी मिल चुकी है:
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पहला चरण: हरिद्वार से मोतीचूर तक डबल लाइन बिछाई जाएगी।
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चुनौती: इस प्रोजेक्ट में अतिक्रमण एक बड़ी बाधा है, जिसे हटाने के लिए राज्य सरकार रेलवे को पूरा सहयोग देगी।
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सर्वे के निर्देश: रायवाला से देहरादून तक डबलिंग के लिए रेलवे बोर्ड ने डीआरएम उत्तर रेलवे को सर्वे के निर्देश दिए हैं।
कुंभ 2033 पर फोकस: मुख्य सचिव ने आग्रह किया है कि रायवाला-देहरादून सर्वे का काम वर्ष 2033 के कुंभ मेले से पहले पूरा किया जाए। साथ ही, कुंभ में भीड़ नियंत्रण के लिए रायवाला में रेलवे वायाडक्ट निर्माण की मांग भी की गई है।
3. राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग
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ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन: मुख्य सचिव ने इसकी फाइनल डीपीआर (DPR) को जल्द मंजूरी देने और इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग की, ताकि इसका 100% खर्च केंद्र सरकार उठाए।
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टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन: इस प्रोजेक्ट की डीपीआर को भी जल्द से जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है।
4. मेरठ-ऋषिकेश आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर
मेरठ से ऋषिकेश के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन गई है:
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लंबाई: हरिद्वार होते हुए यह कॉरिडोर 78 किलोमीटर लंबा होगा।
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अंतिम स्टेशन: ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास इसका आखिरी स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है।
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नोडल अधिकारी: उत्तराखंड सरकार की ओर से अपर सचिव रीना जोशी को इस प्रोजेक्ट के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।
5. देहरादून और हर्रावाला स्टेशनों का कायाकल्प
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देहरादून स्टेशन: इसे एक ‘आदर्श स्टेशन’ के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है।
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हर्रावाला स्टेशन: अगले 25 सालों की जरूरतों और भविष्य के ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए इसे बेहद आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
बैठक में मौजूद रहे मुख्य अधिकारी: इस हाई-लेवल मीटिंग में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, अपर सचिव रीना जोशी सहित रेलवे और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने रेलवे से कुंभ मेले के मद्देनजर दीर्घकालिक, मध्यम और अल्पकालिक कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने की भी अपील की है।
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