उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों के लिए समग्र मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रकोष्ठ की स्थापना
📅 दिनांक: 14 फरवरी 2025
📍 स्थान: उत्तराखंड
उत्तराखंड राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण ने सरकारी कर्मचारियों की मानसिक सेहत और भावनात्मक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए समग्र मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रकोष्ठ (Holistic Mental Healthcare Cell) स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल का नेतृत्व डॉ. सुनीता टम्टा, प्रभारी महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड कर रही हैं, जबकि डॉ. एच. सी. एस. मतोलिया, सीईओ, राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण इस योजना का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
इस योजना की परिकल्पना डॉ. सुमित देब बर्गन, संयुक्त निदेशक, राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा की गई है और इसे उत्तराखंड उच्च न्यायालय एवं राज्य के मुख्य सचिव के निर्देशों के तहत लागू किया जा रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 2017 के अनुरूप पहल
यह पहल मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (MICA) 2017 के अनुरूप है, जो आधुनिक मनोरोग उपचार को पारंपरिक आयुर्वेदिक और समग्र चिकित्सा पद्धतियों जैसे होम्योपैथी, आयुर्वेद, योग, ध्यान, और मनोवैज्ञानिक परामर्श के साथ जोड़ने का कार्य करेगी।
मुख्य उद्देश्य और लाभ
✅ सरकारी कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना
✅ कार्यस्थल पर तनाव और मानसिक थकान (Burnout) को कम करना
✅ मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली को व्यापक और कलंक मुक्त बनाना
✅ टेली-मनोस (Tele-MANAS) और ई-संजीवनी (E-Sanjeevani) सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ कर्मचारियों तक सुविधाएं पहुँचाना
कार्यान्वयन के चरण
🔹 चरण 1: योजना एवं बुनियादी ढांचे का विकास – सलाहकार बोर्ड की स्थापना, ध्यान और थेरेपी कक्षों की व्यवस्था
🔹 चरण 2: मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान
🔹 चरण 3: पायलट प्रोजेक्ट – साप्ताहिक थीम-आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं (होम्योपैथी, आयुर्वेद, योग, परामर्श)
🔹 चरण 4: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मानसिक स्वास्थ्य उपकरणों एवं मोबाइल ऐप्स का समावेश
🔹 चरण 5: राज्यव्यापी विस्तार और नीति का संस्थानीकरण
राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल
यह पहल “विकसित देवभूमि” और “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगी। वैज्ञानिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संयोजन से उत्तराखंड अपने सरकारी कर्मचारियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मिसाल कायम कर रहा है।
उच्चस्तरीय बैठक में सहभागिता
इस उच्चस्तरीय बैठक में डॉ. सी. पी. त्रिपाठी, डॉ. मनोज उप्रेती, डॉ. जोहरी, तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), आयुष, होम्योपैथी निदेशालय और वित्त विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
निष्कर्ष
यह पहल सरकारी कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के साथ-साथ एक समग्र और प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कार्यस्थल पर उत्पादकता बढ़ेगी और एक स्वस्थ समाज की नींव रखी जाएगी।




