देहरादून, 27 जून।
उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री धीरज सिंह गब्र्याल ने शुक्रवार को मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंदिर परिसरों में चल रहे सौंदर्यीकरण, नवीन सुविधाओं के निर्माण तथा परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता पर विशेष बल दिया गया।
समीक्षा के दौरान कैंचीधाम, नैनीदेवी मंदिर, पाताल रूद्रेश्वर, पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर सहित अन्य तीर्थस्थलों में डॉर्मिटरी, शौचालय, पुल मरम्मत, विद्युतीकरण, भवन निर्माण एवं पार्किंग जैसे कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई।
श्री गब्र्याल ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पहाड़ी स्थापत्य शैली में तथा स्थानीय पत्थर/कंक्रीट का उपयोग करते हुए किए जाएं ताकि स्थानीय संस्कृति और वास्तुशिल्प का संरक्षण हो तथा युवा वर्ग को पारंपरिक विरासत से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों में आधुनिक सुविधाओं का समावेश हो, परन्तु यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यावरणीय संतुलन, स्थानीय सौंदर्य और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में लंबित कार्यों की तृतीय पक्ष निगरानी में शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण पूर्णता के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही मंदिर परिसरों में कोबल स्टोन पाथवे के माध्यम से आगंतुकों की आवाजाही को सुगम बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।
इस अवसर पर श्री अभिषेक रूहेला एवं श्री बी.एल. राणा (अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी), निदेशक अवस्थापना, संयुक्त निदेशक पर्यटन समेत विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




