By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Khabar 360 IndiaKhabar 360 IndiaKhabar 360 India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Uttarakhand
  • Politics
    • National Politics
    • Uttarakhand Politics
  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
    • Health
    • Lifestyle
  • Science
  • Education
  • National
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, आउटसोर्सिंग से होगी विशेषज्ञों की भर्ती
Share
Font ResizerAa
Khabar 360 IndiaKhabar 360 India
  • Politics
  • Education
  • Sports
  • Entertainment
  • Science
  • Technology
  • Business
Search
  • Uttarakhand
  • Politics
    • National Politics
    • Uttarakhand Politics
  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
    • Health
    • Lifestyle
  • Science
  • Education
  • National
  • Contact Us
Follow US
Khabar 360 India > Private: Blog > Uttarakhand > उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, आउटसोर्सिंग से होगी विशेषज्ञों की भर्ती
Uttarakhand

उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, आउटसोर्सिंग से होगी विशेषज्ञों की भर्ती

Khabar 360 India Desk
Last updated: October 24, 2026 8:59 am
Khabar 360 India Desk Published October 24, 2026
Share
SHARE

सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 1,291 पदों में से 601 खाली; ‘यू कोट वी पे’ योजना भी नहीं खींच पा रही डॉक्टरों को, स्वास्थ्य विभाग नई नीति बनाने में जुटा

Contents
विशेषज्ञ डॉक्टरों के 601 पद खालीकई विशेषज्ञताओं में बड़ी संख्या में पद रिक्तअतिरिक्त भत्ता देने के बावजूद नहीं बढ़ी रुचिआउटसोर्सिंग से डॉक्टर उपलब्ध कराने की नीति बन रही: स्वास्थ्य सचिववॉक-इन इंटरव्यू से भी भर्ती की कोशिश

देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती के लिए आउटसोर्सिंग का सहारा लेने की तैयारी कर रहा है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और दूरस्थ क्षेत्रों में तैनाती के बाद उनके लंबे समय तक नहीं रुकने की समस्या से निपटने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। इसके तहत दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को समय पर उपचार मिल सके और अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।

प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बनी हुई है। सरकार की ओर से ‘यू कोट वी पे’ योजना के तहत आकर्षक मानदेय देने और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों को अतिरिक्त भत्ता देने जैसे कदम भी उठाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में पद खाली हैं।

विशेषज्ञ डॉक्टरों के 601 पद खाली

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कुल 1,291 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 601 पद खाली चल रहे हैं। इस वजह से कई अस्पतालों में मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों या हायर सेंटरों का रुख करना पड़ता है।

विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और उनकी उपलब्धता बनाए रखना है। ‘यू कोट वी पे’ योजना के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों को अधिकतम छह लाख रुपये प्रतिमाह तक मानदेय देने का प्रावधान बताया गया है, लेकिन निजी अस्पतालों में अधिक वेतन मिलने के कारण सरकारी व्यवस्था में डॉक्टरों को आकर्षित करना मुश्किल हो रहा है।

कई विशेषज्ञताओं में बड़ी संख्या में पद रिक्त

स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न विशेषज्ञताओं में रिक्त पदों की स्थिति इस प्रकार है:

  • सर्जन: 144 स्वीकृत पदों में से 70 खाली।
  • विशेषज्ञ फिजिशियन: 182 पदों में से 130 खाली।
  • एनेस्थीसिया विशेषज्ञ: 181 पदों में से 94 खाली।
  • बाल रोग विशेषज्ञ: 160 पदों में से 85 खाली।
  • स्त्री रोग विशेषज्ञ: 175 पदों में से 102 खाली।
  • मनोचिकित्सक: 29 पदों में से 20 खाली।
  • फॉरेंसिक विशेषज्ञ: 25 पदों में से 23 खाली।
  • चर्म रोग विशेषज्ञ: 35 पदों में से 28 खाली।
  • पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ: 97 पदों में से 67 खाली।

इन रिक्तियों का असर खास तौर पर उन क्षेत्रों में दिखाई देता है, जहां विशेषज्ञ उपचार की सुविधा सीमित है और मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

अतिरिक्त भत्ता देने के बावजूद नहीं बढ़ी रुचि

दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों को तैनात करने और वहां सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2024 में कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया था। इसके अलावा ‘यू कोट वी पे’ योजना के तहत भी विशेषज्ञों और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को आकर्षक मानदेय देने की व्यवस्था की गई। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद डॉक्टरों की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो पाई।

अब विभाग आउटसोर्सिंग के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराने की नीति तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य जरूरत वाले अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

आउटसोर्सिंग से डॉक्टर उपलब्ध कराने की नीति बन रही: स्वास्थ्य सचिव

स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने के साथ किच्छा स्थित एम्स के सैटेलाइट सेंटर में अगले महीने ओपीडी शुरू होने की उम्मीद है।

उन्होंने स्वीकार किया कि मेडिकल मानव संसाधन की उपलब्धता, विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, एक चुनौती है। इसे दूर करने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है, जिसके तहत आउटसोर्सिंग के माध्यम से अच्छे डॉक्टर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

वॉक-इन इंटरव्यू से भी भर्ती की कोशिश

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन देने की व्यवस्था है। ‘यू कोट वी पे’ योजना के तहत विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को करीब 5.75 लाख रुपये प्रतिमाह तक मानदेय देने का प्रावधान भी बताया गया है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए मेडिकल कॉलेजों में साप्ताहिक वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा

You Might Also Like

उत्तराखंड चुनाव 2027: BJP ने तेज की तैयारियां, घर-घर पहुंचेगा सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड

राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी सूचना, 15 नवंबर तक कराएं ई-केवाईसी; नहीं तो निरस्त हो सकती है यूनिट

उत्तराखंड के 500 नर्सेज और वार्ड बॉय को विदेश में नौकरी दिलाने का लक्ष्य, 2027-28 में होगी पहल

उत्तराखंड में कचरा प्रबंधन के लिए बनेगा नया मॉडल, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू, उत्तराखंड के स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा

TAGGED:Plans underway to address the shortage of doctors in remote areas of Uttarakhand;specialists to be recruited through outsourcing.
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Telegram Email Copy Link Print
Share
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
Popular News
News

आपने कुवैत के कैनवास पर भारतीयता का रंग भरा – कुवैत में प्रवासी भारतीयों से बोले पीएम मोदी

News Desk News Desk December 22, 2024
अंडर-19 विश्व कप जीत पर सीएम धामी ने भारतीय टीम को दी बधाई
शेख हसीना का साथ देने पर भड़के बांग्लादेशी नेता, भारत से रिश्तों को लेकर कह दी बड़ी बात…
बाबा सिद्दीकी के आरोपी का ऑसिफिकेशन टेस्ट, सच जान हिल जाएंगे आप!
कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत संवाहक कौन है: पुरुष किसान या महिला किसान?…

Categories

  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
  • Science

About US

Khabar 360 India provides comprehensive news coverage from Uttarakhand, including local events, politics, culture, and development, along with national and international news updates, ensuring well-rounded information for its readers.
Top Categories
  • Uttarakhand
  • National
  • Politics
  • Entertainment
  • Health
Quick Link
  • About Us
  • Our Team
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Contact

Categories

  • Business
  • Technology
  • Sports
  • Entertainment
  • Health
  • Science

About US

Khabar 360 India provides comprehensive news coverage from Uttarakhand, including local events, politics, culture, and development, along with national and international news updates, ensuring well-rounded information for its readers.
Quick Link
  • About Us
  • Our Team
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Contact
Top Categories
  • Uttarakhand
  • National
  • Politics
  • Entertainment
  • Health
© Khabar 360 India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?